ऐसे भी

Photo by Mahkeo on Unsplash

शाम थी कुछ तन्हा
और हम भी बैचैन कुछ कम नहीं
जब उस वक़्त बैठे दोनों साथ
एक मुलाकात ऐसी भी थी।

सूरज था कुछ उदास
और हम भी गमगीन कुछ कम नहीं
जब उस शाम आँखे मिली दोनों की
एक अलविदा ऐसे भी कहा।

झील थी कुछ शांत
और हम भी खामोश कुछ कम नहीं
जब आहिस्ता सफ़र किया साथ
एक सूकून ऐसा भी मिला।

वो था कुछ निडर
और हम भी बेबाक कुछ कम नहीं
जब जज़्बात टकराये उस रात
एक मोहब्बत ऐसी भी थी।

 © अपूर्वा बोरा

Leave a Reply

Close Menu