अपने लिए

कुछ शामें तू अपने लिए चुरा
कुछ यादें सिर्फ़ अपने लिए बना

कुछ गीत अपने लिए चला
कुछ धुन सिर्फ़ अपने लिए गुनगुना

कुछ आँसू अपने लिए गिरा
कुछ दफ़े सिर्फ अपने लिए मुस्कुरा

कुछ रातें अपने लिए बिता
कुछ सपने सिर्फ़ अपने लिए सजा

कुछ बाहें अपने लिए फैला
कुछ मोहब्बत सिर्फ़ अपने लिए बचा

कुछ वक़्त अपने लिए कर अदा
कुछ दफ़े सिर्फ़ अपने लिए जी जा

 © अपूर्वा बोरा

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