बड़ी दुविधा है महीना अभी आधा भी नहीं कटा है और राशन लेने से लेकर बाई के पैसे देने तक खुद के लिए शायद ही कुछ खरीदने का वक़्त मिले बड़ी दुविधा है

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उसके सब्र की परीक्षा मत लो वह न जाने कैसे संभल रही है घर से निकलने से लेकर लौटने तक न जाने कितने युद्ध लड़ रही है

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चल Photo by Pablo García Saldaña on Unsplash चांदनी कीचादर ओढ़ेचल अपनीउंगलियों सेख़्वाबों केनक्षत्र बनाएं..पहाड़ी कीचोटी परचल तम्बू गाड़ हम भीसुकून सेपैर फैलाएं..हवाओं केशीतल झोंकोंके साथ चल गुफ़्तगूकर उसे भीगले…

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कैंची सी ज़बान Photo by Saksham Gangwar on Unsplash कुछ मुहावरे व लोकोक्तियां हैंजो आदर्श नारीपर जंचते नहीं हैंउसी विषय मेंप्रस्तुत है आजकी बातबोल - ज़बान कैंची की तरह चलानाअर्थ -…

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अपरिचित Photo by Dmitry Ratushny on Unsplash बत्ती कीरोशनी सेजगमगगली सेगुज़रते हुएशायद हीउसने सोचाहोगा किकोई उसकेजीवन मेंकुछ क्षणोंमें अंधकारके बीज बोसकता है..आज ऑफिससे लौटतेहुए वक़्तकी तरह हीघड़ी कीसुई कोनज़रअंदाज़कर उसनेअपने…

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परवरिश Photo by Sabine Van Straaten on Unsplash जिस बालकके बचपने कावास्ता दे करआपने अपनेही सुपुत्र कोसंसार केहवाले कर दियाउसे अच्छेबुरे स्पर्श काज्ञान नहीं हैजिस बालिकाकी कच्ची उम्र कावास्ता दे…

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रात Photo by Jan Zhukov on Unsplash अरे बुझा दो ये बत्तीकि आँखों में चुभरही हैये जो क़यामत कीरात है, काटे नहीं कटरही हैमोगरे के फूल कीमाला मेरे केशों में…

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घाटे का सौदा Photo by mahyar tehrani on Unsplash हर सवेरेमैं औरमेरे दोस्तऑफिस के लिएसाथ हीघर से निकलते हैंजहाँ मेट्रोमें लेडीज़सीट कीतर्ज परमुझे अक्सरबैठने कामौका मिलजाता हैघन्टे भरके सफ़रमें जबअपने दोस्तोंको यूँ…

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कसक Photo by Sharon McCutcheon on Unsplash ख़्वाहिश तो धीर शब्द है अपने अरमानों को कोरे कागज़ पर  ख़ूबसूरती की चूनर उड़ाये बैठाने का चुनरी भी  इसलिए क्योंकि आज़ादी का…

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सवाल Photo by Emily Morter on Unsplash सिरहाने परअपनेकल कीचिंता काबोझ उतारदेते होऔर फ़िरसवाल करतेहो किये कमबख़्तनींद क्योंनहीं आतीबिस्तर परअपनेअतीत कीयादों काबोझ उतारदेते होऔर फ़िरसवाल करतेहो किये कमबख़्ततन्हाई क्योंनहीं जातीतकिया…

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