बदलाव

Photo by Daniel von Appen on Unsplash

रिश्ते तो आज भी वही हैं
खामोशियाँ बढ़ गयी हैं बस

निगाहें तो आज भी वही है
नज़रिया बदल गया है बस

आंगन तो आज भी वही है
सूनापन बढ़ गया है बस

ज़ुबान तो आज भी वही है
लफ्ज़ों का मायना बदल गया है बस

ज़िंदगी तो आज भी वही है
उलझनें बढ़ गयी हैं बस

वक़्त तो आज भी वही है
ज़माना बदल गया है बस

घर जाने का रास्ता आज भी वही है
दूरियाँ बढ़ गयी हैं बस

मंज़िल तो आज भी वही है
कदमों की दिशा बदल गयी है बस

 © अपूर्वा बोरा

Leave a Reply