बदलाव

रिश्ते तो आज भी वही हैं
खामोशियाँ बढ़ गयी हैं बस

निगाहें तो आज भी वही है
नज़रिया बदल गया है बस

आंगन तो आज भी वही है
सूनापन बढ़ गया है बस

ज़ुबान तो आज भी वही है
लफ्ज़ों का मायना बदल गया है बस

ज़िंदगी तो आज भी वही है
उलझनें बढ़ गयी हैं बस

वक़्त तो आज भी वही है
ज़माना बदल गया है बस

घर जाने का रास्ता आज भी वही है
दूरियाँ बढ़ गयी हैं बस

मंज़िल तो आज भी वही है
कदमों की दिशा बदल गयी है बस

© अपूर्वा बोरा​

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