चल

Photo by Pablo García Saldaña on Unsplash
चांदनी की
चादर ओढ़े
चल अपनी
उंगलियों से
ख़्वाबों के
नक्षत्र बनाएं
.
.
पहाड़ी की
चोटी पर
चल तम्बू
गाड़ हम भी
सुकून से
पैर फैलाएं
.
.
हवाओं के
शीतल झोंकों
के साथ
चल गुफ़्तगू
कर उसे भी
गले लगाएं
.
.
हरी भरी
घास के इस
मैदान में
चल बेफ़िक्र
दौड़ जाएं
.
.
फ़िर थक
हार कर
इसी चांदनी
को ओढ़
चल हम
सो जाएं

 © अपूर्वा बोरा

This Post Has 2 Comments

Leave a Reply

Close Menu