दाग़

How to get blood out of sheets?

माँ कहा करती थी दाग़ पर थोड़ा सा नमक मलो
फ़िर ज़रा देर रगड़ कर ठंडे पानी में भिगा दो
कुछ देर यूँ ही रखने से ख़ून पानी में घुल जाएगा
चादर से बीती रात का सबब भी धुल जाएगा

माहवारी के दिनों में तो ऐसा होता ही रहता है
नमक से बात न बने तो बेकिंग सोडा भी चलता है
सोचा सर्दियों में कहाँ ठंडे पानी में हाथ लगाया जाएगा
मग़र याद रहे कि ये दाग़ गरम पानी से गहरा जाएगा

वैसे नींबू का रस भी कभी कारगर साबित हो जाता है
तो कभी काम हाइड्रोजन पैरॉक्साइड से भी बन जाता है
तुम यहाँ देर लगाओगी ख़ून वहाँ सूखता चला जाएगा
सूखी हुई पपड़ी पर नुस्खों का असर फ़ीका हो जाएगा

इसलिए माँ कहती थी दाग़ पर थोड़ा सा नमक मलो
फ़िर ज़रा देर रगड़ कर ठंडे पानी में भिगा दो
कुछ देर यूँ ही रखने से ख़ून पानी में घुल जाएगा
चादर से बीती रात का सबब भी धुल जाएगा

माँ ये चादर तो धुल जाएगी मग़र ये बदन कैसे भुलायेगा
बीती रात जाँघों से रिसता रहा जो ख़ून वो दाग़ कैसे जाएगा

मैं देर तलक इस बिस्तर को आँसुओं से भिगाती रही
माँ इस नमक से क्या हैवानियत का सबब भी धुल जाएगा
मैं गुसलखाने में घण्टों तक बैठी बदन भिगाती रही
ख़ून तो पानी में घुल जाता है क्या एहसास भी घुल जाएगा

माँ ये चादर तो धुल जाएगी मग़र ये बदन कैसे भुलायेगा
बीती रात जाँघों से रिसता रहा जो ख़ून वो दाग़ कैसे जाएगा

मेरे नाखूनों में धँसा हुआ है उसके मांस का एक कतरा
बताओ क्या नींबू का रस उसकी गंध मिटा पाएगा
चादर, बिस्तर, गिलाफ़ और इस बदन का हर एक कतरा
बोलो ऐसा कौन सा द्रव है जो ये दाग छुड़ा पाएगा

उसने कमीज़ के बटन लगाते हुए बड़ी बेशर्मी से पूछा है था…

You know how to get blood out of these sheets, right?

Yes, I know how to get blood out of these sheets.

© अपूर्वा बोरा​

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