दाल चावल

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खाने में क्या है?
दाल चावल।

भौहैं तन जाती थीं और
सर्र से ज़ुबान से
तीर निकलता था
आज भी?
रोज़ रोज़ यही खाते
खाते पक गई हूँ
कभी पनीर कभी दाल मखनी
कभी मटर कुलचे कभी छोले भटूरे
क्यों नहीं बनाती तुम अम्मा?
खाने में थोड़ी तो
वैरायटी होनी चाहिए न?

नाश्ते में रोज़ रोज़ आलू के
पराठे नहीं खाने हैं मुझे
कभी नूडल्स कभी पैनकेक
कभी अंडो के साथ एक्सपेरिमेंट
क्यों नहीं करती तुम अम्मा?

खाने में क्या मंगाना है ?
फ्लैट में जब भी यह सवाल उठता है
उत्तर एक ही मिलता है
एक पनीर बटर मसाला एक मखनी
साथ में नान और लच्छे पराठे कर देना
पिछली रोज़ जब यही सवाल फ़िर उठा
तो उत्तर निकला
आज भी?
रोज़ रोज़ यही खाते
खाते पक गई हूँ
खाने में थोड़ी तो
वैरायटी होनी चाहिए न?

दो हफ़्तों से विदेश में थी
नाश्ते में कभी पैनकेक खाया
ब्रंच में नूडल्स को मौका दिया
अंडे को भी सात प्रकार से ट्राय किया
मग़र आलू के पराठे के साथ दही
की जो आदत तुमने डलवाई है न
अब कुछ और खा कर पेट भरता ही नहीं

कल रात की गाड़ी से सवेरे घर पहुँची हूँ
मुँह हाथ धोकर रसोई के दरवाज़े
पर टेक लगाकर खड़ी हूँ
अम्मा ने पूछा
खाने में क्या खाओगी?
उत्तर मिला
दाल चावल।

© अपूर्वा बोरा​

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