दोराय

Photo by RF._.studio from Pexels

डाल दो उसकी आँखों पर पर्दा
छिपा दो उससे दुनिया की चमक
पँछी की ऊंची उड़ान न देखने दो
न दिखाओ उसे आज़ादी की झलक
पानी फ़ेर डालो उसके सुलगते अरमानों पर
और भीतर ही भीतर घोल दो ज़माने का डर
अरे रोक लो टोक लो यही तो उपाय है
लड़की दायरे में पलनी चाहिये, इसमें ना दोराय है
.
.
प्यार नहीं तो प्यार का आश्वासन ही दे दो
बाँध दो उसके हाथों में रिश्तों की डोरी
और मुठ्ठी में उसका जीवन क़ैद कर दो
न दिखाओ उसे बेहतर कल की झलक
बदल डालो उसके हालात का सच
मिथ्याजाल से कहीं वो न जाये बच
अरे रोक लो टोक लो यही तो उपाय है
लड़की दायरे में पलनी चाहिये, इसमें ना दोराय है
.
.
आज़ादी नहीं तो उसका भ्रम ही दे दो
डाल कर बेड़ियां अपेक्षाओं की असीम
उसे सुनहरे पँखों का जोड़ा ला दो
न दिखाओ उसे आसमान की सीमाओं की झलक
राख़ कर डालो उसके ख़्वाबों का बसेरा
बुझा डालो उम्मीद के चराग और कर दो अंधेरा
अरे रोक लो टोक लो यही तो उपाय है
लड़की दायरे में पलनी चाहिये, इसमें ना दोराय है
.
.
न्याय नहीं तो सहानुभूति ही दे दो
साथ देने का वायदे करो बेशुमार
फ़िर भले वक़्त अनुसार बात बदल दो
न दिखाओ उसे हक़ीक़त की झलक
चीर डालो उसके साहस का परचम
और भीतर ही भीतर घोट दो उसका दम
अरे रोक लो टोक लो यही तो उपाय है
लड़की दायरे में पलनी चाहिये, इसमें ना दोराय है

© अपूर्वा बोरा​

Leave a Reply