फ़ागुन गीत

ये कैसी होली आई मोरे बालम
तू न आया तो तेरी याद क्यों आई

फ़ागुन का महीना मोरे बालम
मैंने अँखिया तेरे इंतज़ार में बिछाई

ये कैसी होली आई मोरे बालम
तू न आया तो तेरी याद क्यों आई

होंठों पर मुस्कान मोरे बालम
लाज से नज़रें हैं झुकाई

ये कैसी होली आई मोरे बालम
तू न आया तो तेरी याद क्यों आई

गाल रँगे गुलाबी मोरे बालम
गुलाल से माँग है सजाई

ये कैसी होली आई मोरे बालम
तू न आया तो तेरी याद क्यों आई

यौवन की कली मोरे बालम
कैसे इन भँवरों से बचाई

ये कैसी होली आई मोरे बालम
तू न आया तो तेरी याद क्यों आई

बाहों में भर मोरे बालम
लिपट कर दे कसक मिटाई

ये कैसी होली आई मोरे बालम
तू न आया तो तेरी याद क्यों आई

सखियाँ सभी छेड़े मोरे बालम
क्या तुझे मेरी याद न सताई?

ये कैसी होली आई मोरे बालम
तू न आया तो तेरी याद क्यों आई

© अपूर्वा बोरा​

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