गुफ़्तगू

गुफ़्तगू में इक रोज़
मैंने अपनी माशूका से
कुछ सवाल पूछ ही लिए

जितने उत्साह से
दूसरों को
लव यौरसेल्फ़
लिखती हो

क्या उतनी मोहब्बत
खुद के शरीर से
करती हो?

जितने उत्साह से
दूसरों को
स्टे स्ट्रॉग
लिखती हो

क्या उतनी प्रबल
खुद के लिए
बनती हो?

जितने उत्साह से
दूसरों को
मोर पॉवर टू यू
लिखती हो

क्या उतना पराक्रम
खुद के हृदय में
रखती हो?

जितने उत्साह से
दूसरों को
डोंट गिव अप
लिखती हो

क्या उतनी दृढ़ता
खुद के लिए
चुनती हो?

जितने उत्साह से
दूसरों को
यू गो गर्ल
लिखती हो

क्या उतना उत्साहवर्धन
खुद का
करती हो?

गुफ़्तगू में इक रोज़
मैंने अपनी माशूका से
कुछ सवाल पूछ ही लिए

 © अपूर्वा बोरा

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