मिल तो नहीं रहे हैं हम

मिल तो नहीं रहे हैं हम
फ़िर ना मिलने का बहाना क्यों बनाना
फासलों को मिटा सको तो बात करो
वरना दिल को बेवज़ह क्यों बहलाना

मिल तो नहीं रहे हैं हम
फ़िर जज़्बात बीच में क्यों लाना
कोशिश कर सको तो बात करो
वरना दिल को बेवज़ह क्यों भटकाना

मिल तो नहीं रहे हैं हम
फ़िर मोहब्बत से क्यों बहकाना
हालात बदल सको तो बात करो
वरना दिल को बेवज़ह क्यों फुसलाना

मिल तो नहीं रहे हैं हम
फ़िर वादों से क्यों बहलाना
इंतज़ार कर सको तो बात करो
वरना दिल को बेवज़ह क्यों दुखाना

मिल तो नहीं रहे हैं हम
फ़िर दिल क्यों लगाना
अंजाम का डर नहीं है तो बात करो
वरना जाना, हमें भूल ही जाना

© अपूर्वा बोरा​

Leave a Reply