परवरिश

Photo by Sabine Van Straaten on Unsplash

जिस बालक
के बचपने का
वास्ता दे कर
आपने अपने
ही सुपुत्र को
संसार के
हवाले कर दिया
उसे अच्छे
बुरे स्पर्श का
ज्ञान नहीं है

जिस बालिका
की कच्ची उम्र का
वास्ता दे कर
आपने अपनी
ही सुपुत्री को
समाज के
हवाले कर दिया
उसे भी अच्छे
बुरे स्पर्श का
ज्ञान नहीं है

जिस बालक
की नादानी का
वास्ता दे कर
आपने अपने
ही सुपुत्र को
संसार के
हवाले कर दिया
उसे सहमति
लेने व देने का
ज्ञान नहीं है

जिस बालिका
की मासूमियत का
वास्ता दे कर
आपने अपनी
ही सुपुत्री को
समाज के
हवाले कर दिया
उसे भी सहमति
लेने व देने का
ज्ञान नहीं है

जिस बालक
को संसार से
लड़ना सिखा
दिया उसे
अपने तमस से
लड़ना नहीं
सिखाया

और जिस बालिका
को समाज में
समझौता करना
सिखा दिया उसे
अपने वजूद से
समझौता न
करना नहीं
सिखाया

न संसार ने
बालक को
बक्शा

न समाज ने
बालिका को

और आज
आप ही 
ऐसे सवाल
उठा रहे हैं
कि

कैसी परवरिश
मिली है
आजकल के
नौजवानों
और किशोरियों
को

जब कि
सवाल यह है
कि कैसी
परवरिश नहीं
मिली है
आजकल के
नौजवानों
और किशोरियों
को ?

 © अपूर्वा बोरा

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