सुकून

किसी के लिए शायद मंज़िल है
तो किसी का रास्ता है, सुकून

किसी की जेब में पैसों का होना
तो किसी के लिए चैन से सोना है, सुकून

किसी के लिए भीड़ से तन्हा रहना
तो किसी की महफ़िल जमना है, सुकून

किसी का ज़िम्मेदारी निभाना
तो किसी का आज़ाद उड़ जाना है, सुकून

किसी की नौ से पांच की ज़िन्दगी
तो किसी के लिए चौबीसों घण्टे हैं, सुकून

किसी का नाम और शौहरत
तो किसी की गुमनामी है, सुकून

किसी के लिए अपना घर
तो किसी के लिए कोई इंसान है, सुकून

किसी की चाहत बेहिसाब है
तो किसी का हसीं ख़्वाब है, सुकून।

 © अपूर्वा बोरा

Leave a Reply

Close Menu