वो कहता है

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वो कहता है
मुझे बाँटना नहीं चाहता
अरे कोई उसे बताओ
कि मैं किसी भंडारे में
मिलने वाला प्रसाद नहीं
जिसे पंक्ति में खड़े हो
माँगा जा सके

वो कहता है
मुझे बाँटना नहीं चाहता
अरे कोई उसे बताओ
कि मैं उसके पाप ढकने
वाला धन नहीं जो पुण्य के
लोभ में गरीबों से
तोला जा सके

वो कहता है
मुझे बाँटना नहीं चाहता
अरे कोई उसे बताओ
कि मैं उसकी खानदानी
जागीर नहीं जो एक के
हाथ से दूसरे की झोली में
डाली जा सके

वो कहता है
मुझे बाँटना नहीं चाहता
अरे कोई उससे पूछो
कि मुझे बांटने का ये
अधिकार उसे किसने सौंपा?

हाँ बाबा ने ज़रूर मेरा हाथ
उसके हाथ में दे कर कहा था
कि ध्यान रखना अपनी जान
तेरे हवाले कर रहा हूँ
मग़र हाथ ही सौंपा था न?

माना हमारे फ़ेरे लेते ही मेरे
बदन पर अब उसका भी
अधिकार है मग़र कोई
उससे पूछो कि मेरी हाँ का
अधिकार उसे किसने दिया?

हाँ माना मैं उससे प्यार करने
लगी हूँ और सौंप दिया है दिल
को अपने उसके हाथों में मग़र
कोई उससे पूछो कि मुझ पर
एकाधिकार उसे किसने दिया?

हाँ माना मैंने अपना आज
उसके नाम कर दिया है मग़र कोई
उससे पूछो कि मेरे कल पर
अधिकार उसे किसने दिया?

वो कहता है
मुझे बाँटना नहीं चाहता
अरे कोई उसे बताओ
वो बाँट भी नहीं सकता

© अपूर्वा बोरा​

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